This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website. Learn more

बंगाल की खाड़ी के पास सुंदरवन हैं कितना कठिन, संघर्षपूर्ण हैं जीना यहां। आइए देखते हैं लोगो का जीवन।

x

बंगाल की खाड़ी के पास सुंदरवन हैं कितना कठिन, संघर्षपूर्ण हैं जीना यहां। आइए देखते हैं लोगो का जीवन।

बंगाल के सुंदरवन का नाम भले ही सुहाना लगता है, लेकिन यहां के बाशिंदों के लिए ये एक डरावनी दास्तान बनकर रह गया है. आख़िर ऐसा क्यों है?

भारत के राज्य पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरवन 54 छोटे द्वीपों का समूह है. सुंदरवन आदमख़ोर बाघों की धरती है, जहां हर साल दर्जनों लोग बाघों का शिकार बनते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि ये हमले लगातार बढ़ रहे हैं.

ये डेल्टा सदाबहार वनों और विशाल खारे दलदल से भरे हैं. इस दलदली जंगल में ऊंची-नीची संकरी खाड़ी हैं. इस तस्वीर में एक नाविक अपनी नाव चला रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण यहां मनुष्यों और बाघों के नज़दीक आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. ऐसे में लोगों पर बाघों के हमले बढ़ रहे हैं.
मछुआरे, शहद बटोरने वाले और शिकारी जो अकसर जंगल में भीतर तक चले जाते हैं.
शहद बटोरने वालों को जंगल में जाने से पहले वन विभाग मुखौटा देता है. वन अधिकारियों का कहना है कि बाघ अक्सर पीछे से हमला करता है और मुखौटे के जरिए उसे मूर्ख बनाया जा सकता है.
एक बांस पर फहराता हुए झंडा- जिसे झामती कहा जाता है, इसे ऐसी जगहों पर लगाया जाता है जहां बाघ के हमले की आशंका काफी अधिक होती है.
सुंदरवन में वन विभाग ने गांव वालों को रोज़गार दिया है. इसका काम गांव में बाघों को आने से रोकने के लिए जाल लगाना है.

रीता मंडल के पति श्रीनाथ को अप्रैल 2011 में बाघ ने मार दिया. आज उनके तीन बच्चों की पूरी जिम्मेदारी रीता के ऊपर ही है.
पूरे क्षेत्र में सभी गांवों की यही कहानी है. युवा विधवाएं, जिनके पतियों को इस बड़ी बिल्ली ने मार डाला. यहां ऐसी ही एक विधवा महिला खड़ी है.
स्थानीय रीति-रिवाज के मुताबिक़ पत्नियां संदूर लगाती हैं. ये एक विवाहित हिंदू महिला का चिन्ह है. यहां नर्मल ग्यान की पत्नी अंजना अपने पति के जंगल से लौट आने पर संदूर लगा रही हैं.

आधिकारिक आंकडों के मुताबिक़ सुंदरवन के जंगलों में सैकड़ों बाघ रहते हैं.
मछुआरे और शहद जमा करने वाले रॉबिन मजूमदार पर घने जंगल में बाघ ने हमला किया. वो मौत के मुंह से बचकर तो आ गए लेकिन दोबारा जंगल में जाने की हिम्मत नहीं हुई.
प. बंगाल सरकार द्वारा हर साल 40 हजार से ज्यादा लोगो को जंगल से शहद व वनोपज एकत्र करने, मछली पकड़ने का परमिट दिया जाता है, पर पैसा कमाने के लालच में हजारों लोग अवैध रूप से इन जंगलों और तटों पर वनोपज इकट्ठा करने व मछली पकड़ने जाते हैं
सुंदरवन या सुंदरबोन भारत तथा बांग्लादेश में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी डेल्टा है। बहुत सी प्रसिद्ध वनस्पतियों और प्रसिद्ध बंगाल टाईगर का निवास स्थान है। यह डेल्टा धीरे धीरे सागर की ओर बढ़ रहा है। कुछ समय पहले कोलकाता सागर तट पर ही स्थित था और सागर का विस्तार राजमहल तथा सिलहट तक था, परन्तु अब यह तट से 15-20 मील (24-32 किलोमीटर) दूर स्थित लगभग 1,80,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहाँ बड़ी तादाद में सुंदरी पेड़ मिलते हैं जिनके नाम पर ही इन वनों का नाम सुंदरवन पड़ा है। इसके अलावा यहाँ पर देवा, केवड़ा, तर्मजा, आमलोपी और गोरान वृक्षों की ऐसी प्रजातियाँ हैं, जो सुंदरवन में पाई जाती हैं। यहाँ के वनों की एक ख़ास बात यह है कि यहाँ वही पेड़ पनपते या बच सकते हैं, जो मीठे और खारे पानी के मिश्रण में रह सकते हों।

सुंदरवन राष्ट्रीय अभयारण्य, पश्चिम बंगाल (1987) : सुंदरवन अभयारण्य पश्चिम बंगाल (भारत) में खानपान जिले में स्थित है। इसकी सीमा बांग्लादेश के अंदर तक है। सुंदरवन भारत के 14 बायोस्फीयर रिजर्व में से एक बाघ संरक्षित क्षेत्र है। इस उद्यान को भी विश्‍व धरोहर में शामिल किया गया है। कई दुर्लभ और प्रसिद्ध वनस्पतियों और बंगाल टाइगर के निवास स्थान सुंदरवन को 'सुंदरबोन' भी कहा जाता है, जो भारत तथा बांग्लादेश में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी डेल्टा भी है। बंगाल की खाड़ी में हुगली नदी के मुहाने (शरत) से मेघना नदी के मुहाने (बांग्लादेश) तक 260 किमी तक विस्तृत एक व्यापक जंगली एवं लवणीय दलदली क्षेत्र, जो गंगा डेल्टा का निचला हिस्सा बनाता है, यह 100-130 किमी में फैला अंतर्स्थलीय क्षेत्र है। भारत तथा बांग्लादेश में यह जंगल 1,80,000 वर्ग किलोमीटर तक फैला है। सुंदरवन नाम संभवत: ‘सुंदरी का वन’ से लिया गया है जिसका यहां पाए जाने वाले मूल्यवान विशालकाय मैंग्रोव से है। यहां बड़ी तादाद में सुंदरी पेड़ मिलते हैं जिनके नाम पर ही इन वनों का नाम सुंदर वन पड़ा है।

Endangered, Bengal Sundarbans delta national, सुंदरवन से जुड़े रोचक तथ्य, Sundarbans and Sundarban National Park Facts in Hindi, Tourist Attractions in Sundarbans, Sundarbans Tourist Attractions, Places To visit in , Tourism Places in Sundarbans, Travel and Tourist Information Sundarbans, सुंदरवन, मैंग्रोव, बाघा, पर्यावरण, अभयारण्य, Sundarvan, mangrove, Tiger, environment, Sanctuary, sundarban, sunami, सुंदरबन के आखिरी रक्षक, समुद्रवन, सुंदरबन नैशनल पार्क यात्रा, सुंदरबन नैशनल पार्क बेस्ट सीजन, सुंदरबन नैशनल पार्क, sundarban national park visiting season, sundarban national park fees, sundarban National Park details, sundarban national park access, Sundarban National Park, adventure trip News, adventure trip News in Hindi, Latest adventure trip News, adventure trip Headlines, undarban hindi, sundarban ki kahani, sundarban delta, sundarban delta kaha hai, sundarban delta kahan sthit hai, sundarban kahan hai, sundarban kahan sthit hai, Indian forest, Kanha, Sundarbans Tiger Reserve, Sanctuary भारतीय जंगल, कान्हा, सुंदरवन, टाइगर रिजर्व, अभ्यारण्य, भारत के 10 रहस्यमय जंगल, जानिए कौन से, रहस्यों से भरे हैं भारत के जंगल,राष्ट्रीय अभयारण्य, पश्चिम बंगाल, सुंदरबन मैंग्रोव, बाघ रिज़र्व क्षेत्र , Wild Life Sancturies India, Sundarban National Park, उत्तरी आस्ट्रेलिया, सुंदरवन.
x

ब्रह्मपुत्र नदी असम आस पास के गाँव कितना कठिन,संघर्षपूर्ण जीवन।प्राचीन इतिहास,अनछुई बातें देखते हैं।

ब्रह्मपुत्र नदी एक बहुत लम्बी (2900 किलोमीटर) नदी है। ब्रह्मपुत्र का नाम तिब्बत में सांपो, अरुणाचल में डिहं तथा असम में ब्रह्मपुत्र है। ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश की सीमा में जमुना के नाम से दक्षिण में बहती हुई गंगा की मूल शाखा पद्मा के साथ मिलकर बंगाल की खाड़ी में जाकर मिलती है।

कुछ विद्वानों का मानना है कि 'असम' शब्‍द संस्‍कृत के 'असोमा' शब्‍द से बना है, जिसका अर्थ है अनुपम अथवा अद्वितीय। लेकिन आज ज्‍यादातर विद्वानों का मानना है कि यह शब्‍द मूलरूप से 'अहोम' से बना है। ब्रिटिश शासन में इसके विलय से पूर्व लगभग छह सौ वर्षों तक इस भूमि पर अहोम राजाओं ने शासन किया।

• ब्रह्मपुत्र नदी (अंग्रेज़ी: Brahmaputra River) तिब्बत, भारत तथा बांग्लादेश में बहने वाली एक ऐतिहासिक नदी है। ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम तिब्बत के दक्षिण में मानसरोवर के निकट चेमायुंग दुंग नामक हिमवाह से हुआ है। अपने मार्ग में यह चीन के स्वशासी क्षेत्र तिब्बत, भारतीय राज्यों, अरुणाचल प्रदेश व असम और बांग्लादेश से होकर बहती है। अपनी लंबाई के अधिकतर हिस्से में नदी महत्त्वपूर्ण आंतरिक जलमार्ग का कार्य करती है; फिर भी तिब्बत के पहाड़ों और भारत के मैदानी इलाक़ों में यह नौका चालक के योग्य नहीं है। अपने निचले मार्ग में यह नदी सृजन और विनाश, दोनों ही करती है। साथ ही यह बड़ी मात्रा में उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी जमा करती है। परंतु अक्सर विनाशकारी बाढ़ लाने वाली सिद्ध होती है।
बांग्ला भाषा में जमुना के नाम से जानी जाती है।
• चीन में या-लू-त्सांग-पू चियांग या यरलुंग ज़ैगंबो जियांग कहते है।
• तिब्बत में त्सांग-पो या सांपो के नाम से जानी जाती है।
• मध्य और दक्षिण एशिया की प्रमुख नदी कहते हैं।
• अरुणाचल में डिहं के नाम से जानी जाती है।
• असम में ब्रह्मपुत्र कहते हैं।
असम की जीवन रेखा मानी जाने वाली और लोगों को रोज़गार मुहैया कराने वाली ब्रह्मपुत्र नदी पर एक नई किताब लिखी गई है।

ब्रह्मपुत्र का उदगम स्थल चेमायुंगडंग हिमनद है, जो दक्षिण-पश्चिमी तिब्बत में मा-फ़ा-मूं (मापाम) झील से लगभग 97 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में हिमालय की ढलानों को आच्छादित करता है। कूबी, आंगसी और चेमायुंगडंग वहाँ से उत्पन्न होने वाली तीन मुख्य धाराएँ हैं। नदी अपने उदगम स्थल से सामान्यतः पूर्वी दिशा में दक्षिण की ओर हिमालय की मुख्य पर्वत श्रेणी और उत्तर की ओर निएन-चिंग-तांग-कू-ला (न्येनचेन) पर्वतों के बीच क़रीब 1,126 किलोमीटर तक प्रवाहित होती है।

ब्रह्मपुत्र नदी हिमालय में अपने उद्गम से लगभग 2,900 किमी बहकर यमुना के नाम से दक्षिण में बहती हुई गंगा नदी की मूल शाखा पद्मा के साथ मिलती है और बाद में दोनों का मिश्रित जल बंगाल की खाड़ी में गिरता है।

कुल 78,438 वर्ग किलोमीटर भूमि वाला आज का यह असम 26 जिलों में बँटा हुआ है । निचले असम और ऊपरी असम नाम से यह दो मुख्य भागों में विभक्त है । इस राजनैतिक विभाजन (Political division) के बावजूद अनुपम प्राकृतिकसौंदर्य वाला सम्पूर्ण असम सभ्यता और संस्कृति (Civilisation and culture) की दृष्टि से एक समान है ।

असम में अनेक रंगारंग त्योहार मनाए जाते हैं। 'बिहू' असम का मुख्य पर्व है।
यह वर्ष में तीन बार मनाया जाता है- 'रंगाली बिहू' या 'बोहाग बिहू' फ़सल की बुआई की शुरुआत का प्रतीक है।
इसी से नए वर्ष का शुभारंभ भी होता है। 'भोगली बिहू' या 'माघ बिहू' फ़सल की कटाई का त्योहार है और 'काती बिहू' या 'कांगली बिहू' शरद ऋतु का एक मेला है।
लगभग सभी त्योहार धार्मिक कारणों से मनाए जाते हैं।
वैष्णव लोग प्रमुख वैष्णव संतों की जयंती तथा पुण्यतिथि पर भजन गाते हैं और परंपरागत नाट्य शैली में 'भावना' नामक नाटकों का मंचन करते हैं।
कामाख्या मंदिर में अंबुबाशी और उमानंदा तथा शिव मंदिरों के पास अन्य स्थानों पर शिवरात्रि मेला, दीपावली, अशोक अष्टमी मेला, पौष मेला, परशुराम मेला, अंबुकाशी मेला, दोल-जात्रा, ईद, क्रिसमस और दुर्गा पूजा, आदि धार्मिक त्योहार राज्य भर में श्रद्धा के साथ मनाए जाते हैं।

उत्तर प्रदेश · राजस्थान · गुजरात · तमिलनाडु · मेघालय · हरियाणा · त्रिपुरा · पंजाब · मणिपुर · असम · केरल · गोवा · जम्मू और कश्मीर · हिमाचल प्रदेश · ओडिशा · कर्नाटक · उत्तराखण्ड · दिल्ली · नागालैंड · पश्चिम बंगाल · बिहार · मध्य प्रदेश · महाराष्ट्र · अरुणाचल प्रदेश · आंध्र प्रदेश · छत्तीसगढ़ · मिज़ोरम · सिक्किम · झारखण्ड

bogibeel, bridge,inaugrates,golden colour, brahmaputra river history in hindi, Brahmaputra, river, civilization, culture, research, Lohit, China, Tibet, India, Bangladesh, ब्रह्मपुत्र नदी, ब्रम्हपुत्र, नदी, सभ्यता, संस्कृति, शोध, लोहित, चीन, तिब्बत, भारत, बांग्लादेश, ब्रह्मपुत्र नदी assam history, ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदियाँ, ब्रह्मपुत्र नदी का बांध, ब्रह्मपुत्र नदी किन दो राज्यों से होकर गुजरती है, ब्रह्मपुत्र नदी वीडियो, ब्रह्मपुत्र नदी का मानचित्र, ब्रह्मपुत्र नदी भारत के किन दो राज्यों से होकर गुजरती है, ब्रह्मपुत्र नदी का पुल, ब्रह्मपुत्र नदी assam history, ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली, Nature, Brahmaputra River, Brahmaputra River Assam, Brahmaputra River Assam India, Brahmaputra River water sports, Brahmaputra River, Ten Things Brahmaputra River, Kamakhya Temple, travel-tourism, Assam,History,lead story,Mughal Rule, असम की जनजातियाँ, असम का इतिहास, असमिया भाषा, असम के आदिवासी, देवरी, , कचहरी , Mising आदि हैं, असम history hindi, असम का इतिहास, असम राज्य का इतिहास, Assam in Hindi. असम से जुड़े बुनियादी तथ्य, राजधानी – दिसपुर, आधिकारिक भाषा – असामी, बंगाली और हिंदी, असम, असम Tourist Attractions, Places To visit in Assam, Tourism Places in असम, Travel and Tourist Information असम, Assam, North Eastern State, State to be looked upon, Pivotal State, असम के दर्शनीय स्थल, असम के इतिहास, बिहु असम
x

NEVER turn your back on a Royal Bengal Tiger - Sundarban mangrove forest

The Royal Bengal Tiger.The name already says it all, that tiger is Royal! It´s so royal It would never waste its time with underlings, subjects, cheap foot soldiers like me. But still one day, my big dream is to become daddy or mother of one of those tigers! Enjoy.

SUBSCRIBE -
INSTAGRAM -
FACEBOOK -
TWITTER -

Be the first person to give me money! You deserve it!:


Music:
Also want to use those tracks in your videos. Get unlimited, license free music for your Videos:
x

Sundarbans National Park, West Bengal | All about journey on ship

Such an exciting journey to move through the Sundarban forest in ship, To be honest animal visibility was low during this journey but i enjoyed lot of food on the ship together with freshness of the air.

Just in case you have missed our Kolkata Series then watch it here:

We got our tickets done from West Bengal tourism, ticket cost summary below. We did the journey in AC section.

1 Night 2 Days Tour
AC Berth Rs 6,050/ person + GST
Non AC Berth Rs 4,730/ person +GST

All costs included in the above fare, like bus, food, guide, etc.
Journey starts from Kolkata and ends in Kolkata.

You may also want to do a 2 night and 3 day tour on ship, they have option for that as well.

If you are planning to travel with government you need to book in advance, plus journey dates are pre fixed.

In case Govt reservations are full for Sundarban Safari. Then you can take Private Boats too for Sundarban Safari.

The charges for Private Boats can be approx Rs. 6,000 to 7,000 per person.
They also offer full day tour too. I don’t have any details to share with you but these are estimates that i got from few people.

Note: According to Govt rules small boats are not allowed for tour purpose plus it is not safe also.

You can do booking of the trip in advance through the below website and also connect with tourism office over phone for more information in this regard.

West Bengal Tourism:

P.S: You can’t get down to the forest area and do any safari there like there is no jeep safari or Elephant safari. Only way you travel to Sundarbans is by ship or large size boat….

Note: If you can carry Binoculars along you will enjoy this journey more.
During April to Aug - West Bengal tourism does not operate ship tours to Sunderbans as it is hot and humid.

Hope you enjoyed watching this episode, more on Kolkata food and travel on the way after this episode.

Thanks for your time, see you soon.
x

उत्तराखंड के कॉर्बेट नेशनल पार्क के आस पास के गाँव कितना कठिन, संघर्षपूर्ण और खतरनाक हैं जीना यहां।

उत्तराखण्ड के जंगलों में इंसान का बढ़ता दखल खतरनाक है कोई जानवर किसी इंसान की जान का दुश्मन कब बनता है?
कॉर्बेट नेशनल पार्क हिमालय की शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित है,

मनुष्य और वन्यजीव के बीच सदियों से संघर्ष रहा है. इस संघर्ष को वर्तमान परिपेक्ष्य में कैसे देखें? कोई जानवर किसी इंसान की जान का दुश्मन कब बनता है? या यूं कहें कि परस्परतापूर्ण संचालित जीवन कैसे एक-दूसरे की बलि लेने पर आमादा हो जाता है? इस महत्वपूर्ण सवाल को समझने की आवश्यकता है. यदि आधुनिक विकास को कुछ हद तक जिम्मेदार मान भी लें तो यह गुत्थी सुलझने वाली नहीं है. बदलते मौसम पर भी ठीकरा फोड़ दें, तब भी मानव और वन्य जीवों के संघर्ष की गाथा को समझना आसान नहीं होगा. किसी के जीवन, परिवार और आश्रय में बाहरी दखल ही अन्ततः संघर्ष का पर्याय बनता है. हालांकि सदियों से मानव और वन्यजीवों का आपस में घनिष्ठ संबंध भी रहा है. दोनों एक दूसरे के परस्पर सहयोगी रहे हैं. इसके बावजूद वनप्राणी अपने घरोंदों को छोड़ने के लिए विवश क्यों हुए? कभी तो वनों में प्रचुर प्राकृतिक संसाधन रहे होंगे कमोवेश आज भी हैं.

दरअसल वनों पर अत्यधिक मानवीय हस्तक्षेप ही वन्य जीवों के साथ मानव के संघर्ष का प्रथम कारण बना. वनों का व्यावसायिक उपयोग, उद्योग जगत का विस्तार और आधुनिक जीवनशैली तथा बाजारीकरण और नगरीय सभ्यता के विकास ने दुनिया के कोने-कोने में कंक्रीट के जंगल खड़े कर दिए. सड़कों का जाल ऐसे बिछा कि जंगल के बाशिंदे भोजन और आवास के लिए तरसने लगे. परिणामस्वरूप उनका पदार्पण मानव बस्तियों की ओर होने लगा. तो क्या विकासपरक नीतियां ही मानव और वन्य जीवों के संघर्ष के पीछे महत्वपूर्ण कारक है? जंगलों के दोहन के साथ सेंचुरी और नेशनल पार्क के निर्माण ने वनों के आस-पास निवास करने वाले स्थानीय निवासियों को उनके हक से वंचित किया है. जबकि यह वही स्थानीय निवासी थे, जिन्होंने सदियों से बिना व्यावसायिक दोहन के हमेशा वनों का उचित उपयोग करते हुए उसके संरक्षण का भी काम किया था. विडंबना ही कहेंगे कि इस मुद्दे को सिरे से नकार दिया जाता है. राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाले विमर्श हाशिये के समाजों की जीवन शैली को समझने में असमर्थ ही रहे हैं.

पर्यटन के नाम पर जंगलों को कमाई का केन्द्र बना देना भी मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष का कारण बन गया है. जितना बड़ा वन क्षेत्र उतनी ही संख्या में सफारी और जंगल रिज़ॉर्ट में रहने का रोमांच पर्यटन को बढ़ावा तो दे रहा है और कमाई का माध्यम भी बन रहा है. लेकिन इस नीति ने वन्यजीवों की निजता का हनन किया है. लगातार बढ़ता इंसानी दखल उनको पलायन करने पर मजबूर कर रहा है और शिकार की तलाश में वह इंसानी बस्तियों का रुख कर रहे हैं. इस प्रक्रिया में सबसे अधिक स्थानीय समाज भुग्तभोगी बनता है, नुकसान भी झेलता है और सरकारी मुआवजे की राह तकते रहता है. उत्तराखण्ड के सन्दर्भ में देखें तो 1936 में राम गंगा अभ्यारण का निर्माण हुआ, यह पहला संरक्षित क्षेत्र रहा. कालान्तर में जिम कॉर्बेट पार्क के नाम से मशहूर हुआ. इसके बाद श्रृंखलाबद्ध संरक्षित क्षेत्रों का दायरा बढ़ता गया.

महान शिकारी, पर्यावरणविद, फोटोग्राफर और लेखक जिम कार्बेट की जिंदगी जंगल के रहस्य और एक खूबसूरत इंसान का दस्तावेज है। आप उनके बारे में जितना जानेंगे जिज्ञासा उतनी ही बढ़ती जाएगी। दर्जनों खतरनाक बाघ और तेंदुओं से लोगों की जिंदगी बचाने वाले जिम ने कुछ वक्त के बाद शिकार करना छोड़ दिया और उनके संरक्षण.

आंकड़े बताते हैं कि रामनगर वन क्षेत्र में 2010-2011 में 7 लोगों को बाघ ने निवाला बनाया जिसमें 6 महिलाएं और 1 पुरूष शामिल थे. बागेश्वर गरूड़ में 2017-18 में 5 मासूम बच्चों को गुलदार ने मार डाला. सभी बच्चे 7 से 12 साल की उम्र के थे. नेशनल पार्क के आस-पास के क्षेत्रों में स्थानीय लोगो के लिए वन्यजीव खासा मुसीबत के सबब बन रहे हैं, जिम कार्बेट पार्क के आसपास के क्षेत्र जैसे पम्पापुरी में हिरनों के झुण्ड आसानी से बस्ती में घुस आते हैं, हालाकि हिरनों से लोगों को जान माल का नुकसान नहीं होता लेकिन हिरन तेंदुए के लिए आसान शिकार होता है और आसान शिकार की तलाश में तेंदुआ मानव पर भी हमला करता है. बहरहाल जब तक वन संरक्षित क्षेत्र में इंसानी दखलंदाजी को रोका नहीं जायेगा, जंगल सफारी के नाम पर वन्यजीवों की जिंदगी में विघ्न डालना बंद नहीं किया जायेगा, आवश्यकता से अधिक पूर्ति के लिए जंगलों की अंधाधुंध कटाई रोकी नहीं जाएगी और विकास के नाम पर विनाश की प्रक्रिया बंद नहीं की जाएगी वन्य जीव बनाम इंसान का संघर्ष जारी रहेगा.

Elephants, tourists, Corbett National Park, Uttarakhand, Ramnagar, wild elephant, elephant attack, elephant attack on the car,हाथी, पर्यटक, कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड, रामनगर, जंगली हाथी, हाथी का आतंक, कार पर हाथी का हमला,Hindi News, News in Hindi, Hindustan, हिन्दुस्तान, Helpline issued for corbett national park tourist, helpline for corbett national park, helpline for corbett national park tourist, corbett national park news, Dehradun News in Hindi, Latest Dehradun News in Hindi, Dehradun Hindi Samachar, nainital-jagran-special,news,state,jim corbatt death anniversary, 19 April death anniversary of jim corbatt, jim corbatt, jim corbatt national park, biography of jim corbett the man who is know as hunter of man eater tigers, Jim Corbett Biography, HP jagaran special , जिम कॉर्बेट ,News,National News,uttarakhand news Nainital Uttarakhand hindi, मनुष्य और वन्यजीव के बीच सदियों से संघर्ष रहा है., संघर्ष को वर्तमान परिपेक्ष्य में कैसे देखें, हाथी, बाघ, चीतल, सांभर हिरण, नीलगाय, घड़ियाल, किंग कोबरा, मुंतजिक, जंगली सूअर, हेजहोग, आम मस्क श्रू, फ्लाइंग फॉक्स, इंडियन पैंगोलिन , उत्तराखंड के रामनगर, उत्तराखंड

लेह-लद्दाख कितना कठिन,संघर्षपूर्ण हैं जीना यहां,जहां पर पेड़ पौधे नाममात्र के हैं। आइए देखते हैं हम।

दुनियाभर में ऐसी कई रहस्यमयी जगह हैं, जिनसे जुड़ा सच वैज्ञानिक भी तलाश रहे हैं। ऐसी ही एक खास जगह लेह-लद्दाख में हैं। इसे 'मैग्नेटिक हिल' के नाम से जाना जाता है।
लेह (लद्दाख)। भारत में अगर सबसे अधिक पूजा-पाठ तथा भगवान को माना जाता है तो वह लद्दाख में माना जाता है। लद्दाख, जिसे 'चन्द्रभूमि' का नाम भी दिया जाता है, सचमुच चन्द्रभूमि ही है। यहां पर धर्म को अधिक महत्व दिया जाता है।

नंगे पहाड़ों से घिरी लद्दाख की धरती, जहां पर पेड़ नाममात्र के हैं तथा बारिश अक्सर चिढ़ाकर भाग जाती है, लामाओं की धरती के नाम से भी जानी जाती है। यहां पर धर्म को बहुत ही महत्व दिया जाता है। प्रत्येक गली-मोहल्ले में आपको स्तूप (छोटे मंदिर) तथा 'प्रेयर व्हील' (प्रार्थना चक्र) भी नजर आएंगे जिन्हें घूमाने से सभी पाप धुल जाते हैं तथा भगवान का नाम कई बार जपा जाता है, ऐसा लेहवासियों का दावा है।

लेह में कितने स्तूपा हैं, इसकी कोई गिनती नहीं है। कहीं-कहीं पर इनकी कतारें नजर आती हैं। सिर्फ शहर के भीतर ही नहीं, बल्कि सभी सीमांत गांवों, पहाड़ों अर्थात जहां भी आबादी का थोड़ा-सा भाग रहता है, वहां इन्हें देखा जा सकता है। इन स्तूपों में कोई मूर्ति नहीं होती बल्कि मंदिर के आकार के मिट्टी-पत्थरों से भरा एक ढांचा खड़ा किया गया होता है जिसे स्तूपा कहा जाता है। वैसे प्रत्येक परिवार की ओर से एक स्तूपा का निर्माण अवश्य किया जाता है।

स्तूपा के साथ-साथ प्रार्थना चक्र, जिसे लद्दाखी भाषा में 'माने तंजर' कहा जाता है, लद्दाख में बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। 5 से 6 फुट ऊंचे इन तांबे से बने चक्रों पर 'ॐ मने पदमने हों' के मंत्र खुदे होते हैं सैकड़ों की संख्या में। ये चक्र धुरियों पर घूमते हैं और एक बार घुमाने से वह कई चक्कर खाता है तो कई बार ही नहीं, बल्कि सैकड़ों बार उपरोक्त मंत्र ऊपर लगी घंटी से टकराते हैं जिनके बारे में बौद्धों का कहना है कि इतनी बार वे भगवान का नाम जपते हैं अपने आप।

वैसे भी 'माने तंजर' बौद्धों की जिंदगी में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसको घुमाने के लिए कोई समय निर्धारित नहीं होता है। जब भी इच्छा हो या फिर समय मिलने पर आदमी इसे घुमा सकता है। अक्सर देखा गया है कि हर आने वाला व्यक्ति इसे घुमाता है और दिन में कई बार इसे घुमाया जाता है, क्योंकि हर गली-मोहल्ले, चौक-बाजार आदि में ये मिल जाते हैं। इनके बारे में प्रचलित है कि उन्हें घुमाने से आदमी के सारे पाप धुल जाते हैं।

सीधी-सादी जिंदगी व्यतीत करने वाले लद्दाखी कितनी धार्मिक भावना अपने भीतर समेटे होते हैं, यह इस बात से भी जाहिर होता है कि एक बड़े परिवार का सबसे बड़ा बेटा लामा बनने के लिए दे दिया जाता है, जो बाद में ल्हासा में जाकर शिक्षा प्राप्त करता है और ब्रह्मचर्य का पालन करता है।

कभी भी लद्दाखियों के बीच झगड़ों की बात सुनने में नहीं आती है जबकि जब उन्होंने 'फ्री लद्दाख फ्रॉम कश्मीर' तथा लेह को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ा था तो सरकार ही नहीं, बल्कि सारा देश हैरान था कि हमेशा शांतिप्रिय रहने वाली कौम ने ये कौन सा रास्ता अख्तियार किया है? लद्दाखियों का यह प्रथम आंदोलन था जिसमें हिंसा का प्रयोग किया गया था जबकि अक्सर लड़ाई-झगड़ों में वे पत्थर से अधिक का हथियार प्रयोग में नहीं लाते थे। इसके मायने यह नहीं है कि लद्दाखी कमजोर दिल के होते हैं बल्कि देश की सीमाओं पर जौहर दिखलाने वालों में लद्दाखी सबसे आगे होते हैं।

ताकतवर, शूरवीर तथा सीधे-सादे होने के साथ-साथ लद्दाखवासी नर्म दिल तथा परोपकारी भी होते हैं। मेहमान को भगवान का रूप समझकर उसकी पूजा की जाती है। उनकी नर्मदिली ही है कि उन्होंने तिब्बत से भागने वाले सैकड़ों तिब्बतियों को अपने जहां शरण देने के साथ-साथ उनकी भरपूर मदद भी की।

इसीलिए तो उनकी धरती को 'चांद की धरती' कहा जाता है, क्योंकि जहां लोगों के दिल चांद की तरह साफ हैं।

Note: बेहद मुश्किल वेदर कंडिशन होने की वजह से लेह-लद्दाख जाने का प्लान बनाने वाले टूरिस्ट्स को पहले ही कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। हम आपको बता रहे हैं उन जरूरी टिप्स के बारे में जिन्हें अपनाकर आपकी लेह ट्रिप बनेगी इंट्रेस्टिंग और सक्सेसफुल...
- चीन और तिब्बत से सटा होने की वजह से उत्तर भारत का यह इलाका राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है। ऐसे में अगर आप लेह-लद्दाख के लिए बाइक ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको स्पेशल परमिट की जरूरत होगी। इन परमिट्स को आप लोकल लद्दाख अथॉरिटीज के जरिए आसानी से हासिल कर सकते हैं।

Leh Ladakh India, लद्दाख के पर्यटन स्थल, लेह (लद्दाख), चांद की धरती, लद्दाख का इतिहास, Leh Ladakh Tourism, चीनी यात्री फाह्यान, ladakh airport, मई से नवंबर, जम्मू-श्रीनगर, तीन रंगों की धरती लद्दाख, ladakh lake, best time to visit ladakh, Ladakh, लद्दाख, Indian state of Jammu and Kashmir, लद्दाख के रहस्य, ladakh places to visit, लेह-लद्दाख, भारत, पर्यटन स्थल, पहाड़, Leh Ladakh, Jammu and Kashmir, Life Of People Of Ladakh Hindi news, Life Of People Of Ladakh, Indian army,indian army ,soldiers life on border,soldiers life on pok border,soldiers life on china border,soldiers life in leh ladakh,pok border,china border,leh ladakh,ambala,Haryana, ladakh history, ladakh politics, ladakh facts, why kashmir ladakh separated, ladakh interesting facts, लद्दाख इतिहास, लद्दाख राजनीति, लद्दाख फैक्ट्स, कश्मीर लद्दाख अलग क्यों, लद्दाख रोचक तथ्य, लद्दाख ka life hindi, लद्दाख शहर, लद्दाख मैप, लद्दाख का नक्शा, लद्दाख की जनसंख्या कितनी है, लद्दाख का मौसम, लडाख मराठी माहिती, लद्दाख सिटी, लद्दाख, जहाँ के 'सिल्क रूट', लद्दाख documentary, Ladakh Documentary, Buddhist Documentary from Ladakh, Looms of Ladakh, लद्दाख दिखाइए, ले लद्दाख वीडियो, लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश (यूटी), लेह,लाइफस्टाइल,लद्दाख,मौसम,तिब्बत

मैंग्रोव संरक्षण - सुंदरवन (Sundarbans), मानव व प्रकृति का संघर्ष ।

मैंग्रोव संरक्षण - सुंदरवन (Sundarbans), मानव व प्रकृति का संघर्ष ।

भारत के राज्य पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरवन 54 छोटे द्वीपों का समूह है. सुंदरवन आदमख़ोर बाघों की धरती है,

देश की ज़्यादातर मैंग्रोव वनस्पति पूर्वी एवं पश्चिमी तटों के किनारे पाई जाती हैं। मैंग्रोव वनस्पति एक तरफ जहाँ स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति करती हैं, वहीं दूसरी तरफ तटीय क्षेत्रों को चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा भी प्रदान करती हैं, लेकिन हाल ही के अध्ययनों से पता चला है कि अनेक कारणों से इन वनस्पतियों के क्षेत्र में गिरावट हो रही है।

मैंग्रोव
• यह एक सदाबहार झाड़ीनूमा या छोटा पेड़ होता है, जो तटीय लवण जल या लवणीय जल में वृद्धि करता है।
• इस शब्द का इस्तेमाल उष्णकटिबंधीय तटीय वनस्पतियों के लिये भी किया जाता है, जिसमें ऐसी ही प्रजातियाँ पाई जाति हैं।
• मैंग्रोव वन मुख्यतः 25 डिग्री उत्तर और 25 डिग्री दक्षिणी अक्षांशों के मध्य उष्ण एवं उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
महत्त्वपूर्ण बिंदु
• भारतीय मैंग्रोव क्षेत्र की ज़्यादा क्षति औपनिवेशिक काल के दौरान हुई थी, जब इनको खेती करने के लिये काटा जाता था।
• ‘जादवपुर विश्वविद्यालय’ द्वारा किये गए एक अध्ययन में बताया गया है कि लगभग 10,000 वर्ग कि.मी. मैंग्रोव क्षेत्र, जो लाखों लोगों की भोजन, पानी और वन उत्पादों की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है, के लिये जलवायु परिवर्तन एक उभरता हुआ खतरा उत्पन्न कर रहा है।
• ध्यातव्य है कि इस क्षेत्र में बाघों की एक अनूठी प्रजाति निवास करती है। इस बाघ प्रजाति ने ‘भूमि-समुद्र इंटरफ़ेस’ में आसानी से चलने-फिरने के लिये अपने आप को अनुकूलित कर लिया है।
• सुंदरबन एक ऐसा ठोस उदाहरण पेश कर रहा, जो यह दिखा रहा है कि पारिस्थितिकी में हो रहे नुकसान का लोगों के साथ-साथ आसपास के परिदृश्य पर क्या प्रभाव हो सकते है।
• आम तौर पर नदियों द्वारा लाई गई तलछट, जो यहाँ अवस्थित द्वीपों के क्षेत्रफल में वृद्धि करती थी, अब यह तलछट नदियों पर बनाए जा रहे बांधों द्वारा रोक ली जाती है। फलस्वरूप द्वीपों के क्षेत्रफल में कमी हो रही है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि इन वनों के क्षेत्रफल में कमी हो रही है।
• बड़ी हिमालयी नदियों द्वारा लाए गए ताज़े जल और उच्च लवणता वाला सुंदरबन का यह ‘संगम क्षेत्र’ (confluence zone) जैव-विविधता का एक केंद्र बना हुआ है, जो लगभग 4.5 मिलियन भारतीय लोगों को सहायता प्रदान कर रहा है।

• भारतीय सुंदरबन वन क्षेत्र, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संलग्न मैंग्रोव पारिस्थितिकी क्षेत्र है, के ताज़ा अध्ययनों ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र को हानि से बचाने के लिये त्वरित प्रयास किये जाने चाहिये।
• सुंदरबन के कुछ हिस्सों को कानूनी रूप से राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों (विशेष रूप से बाघ संरक्षण) के रूप में संरक्षित किया गया है।
• इस क्षेत्र के भविष्य को हम स्थानीय स्तर की कार्रवाईयों को अपनाकर सुरक्षित कर सकते हैं।
• ऐसी नीतियाँ बनाने की आवश्यकता है, जो मानव विकास पर ध्यान दे, ताकि बढ़ते प्राकृतिक संसाधनों पर जनसंख्या.

सुंदरबन में मैंग्रोव को हो रहा है लगातार नुकसान, sunderban biodiversity, sundarban forest animals, sundarbans mangrove forest, sundarban tigers, sundarbans national park, conservation of biodiversity in sundarban, sundarban biosphere reserve, sundarban west bengal, sundarban biodiversity conservation project, What type of forest are Sundarbans?, Is Sundarban a sanctuary?, What is Sundarban famous for?, Which animals are found in Sundarbans?, sundarbans mangrove forest, sundarban forest animals, largest mangrove forest in world, sundarban tigers, sundarbans national park, sundarbans map, sundarbans mangrove ecosystem, sundarban biosphere reserve, sundari forest, mangrove forest in sundarban, top 10 mangrove forest in the world, largest mangrove forest in the world, mangrove forests found in the world, sundarbans ecosystem, meaning of Sundarbans, animals are found in Sundarbans, Sundarban famous, Sunderban delta, sundarban forest animals, sundarbans mangrove forest, sundarbans mangrove ecosystem, sundarban flood project in bengali, sundarbans national park, sundarban west bengal, sundarban tigers, sundarbans map, reporting for sundarbans, research paper on sundarban, case study on sundarban delta, environmental problems sundarbans, effects of global warming in sundarban, threats to sundarbans, sundarbans case study, sundarban forest animals, impact of climate change on sundarbans, the largest mangrove forest: ways forward, sundarban biodiversity conservation project., पश्चिम बंगाल, पर्यावरण, सुंदरबन डेल्टा, मैंग्रोव, अतिक्रमण, climate change,United Nations,Royal Bengal tiger,Sunderban,Bangladesh, best travel tips, best travel tips in hindi, sundarwan, travel tips, travel tips in hindi, पर्यटन, वन्य जीव, जंगली जीवन, सुंदरवन, मानव, प्रकृति, संघर्ष, दीपक रस्तोगी, tourism, wild life, sundarvan, deepak rastogi, nature, forest, tiger, Sundarban National Park, information on Sundarban National Park, , Why Sundarban National Park is so, पूर्व,रोमांच,गंतव्य,Aquatic and Costal,पश्चिम बंगाल, Amazing Facts, Latest News,History, Gk, Hindi, Current Affairs, Current Affairs in Hindi, Gadget news, in Hindi, Tech News, Tips Tricks, Poetry, Biography in hindi, Hindi Biography, Sports Gk, Popular Quotes, Birds Facts, Animal Facts, Monument Facts, History Facts, Anmol Vichar, Sundarban वीडियो, Sundarban, Sundarban hindi, सुंदरवन Hindi news, सुंदरवन,

सुंदरबन (पश्चिम बंगाल) जिस पर आपकी आंखें थम जाएंगी| विशेषता, वनस्पति और जीव वर्णन| Unknown Facts

भारत का सबसे खतरनाक जंगल । सुंदरबन | The Dangerous Sundarban

सुंदरवन (Sundarban) नाम लेते ही आपके मन में एक छवि उभर कर आती है जो हरे बढ़े घने जंगलो के बीच वन्य जीवो की एक झलक को पेश करता है | सुंदरवन ना केवल भारत बल्कि विदेशो से आये लोगो के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र है क्योंकि सुंदरवन (Sundarban) एक इतना बड़ा प्राकृतिक क्षेत्र है जहा आपको अनेको वनस्पतियों और वन्य जीवो की भरमार देखने को मिलेगी | आज हम इसी सुंदरवन से जुड़े रोचक तथ्य आपके सामने पेश कर रहे है |

#SundarbanHindi #SundarbanUnknownFacts #सुंदरबनपश्चिमबंगाल
1. सुंदरवन (Sundarban) नाम सुंदरवन में भारी संख्या में मिलने वाले सुन्दरी पेड़ो से लिया गया है और साथ ही बंगाली भाषा में शुंदोर का प्रयोग करके इसका नाम सुंदरवन रखा गया |
2. सुंदरवन का इतिहास 200-300 ईस्वी के आसपास का माना जाता है इसके प्रमाण बागमरा फारेस्ट ब्लाक में मिले अवशेषों से पता चलता है |
3. मुगल शासन ने जब इस वन को किराए पर लिया था तो कई अपराधी मुगल सेना से बचने के लिए सुंदरवन में छिप जाते थे लेकिन अधिकतर टाइगर के वार से बच नही पाते थे |
4. 1757 में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने सुंदरवन के सारे अधिकारों को मुगल सम्राट आलमगीर द्वितीय से ले लिए | इसके बाद 1860 के बाद बंगाल में फारेस्ट डिपार्टमेंट बनने का बाद अंग्रेजो ने सुंदरवन का संरक्षण किया |
5. सुंदरवन से होकर बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली प्रमुख नदियाँ गंगा , ब्रह्मपुत्र ,पद्मा और मेघना नदी है |
6. सुंदरवन 10,000 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला हुआ है जिसमे से 6000 वर्ग किमी बांग्लादेश में आता है | इसमें से भारत के हिस्से में 4110 वर्ग किमी आता है |
7. 2015 के आंकड़ो के आधार पर सुंदरवन में 180 टाइगर है जिसमे से 106 बांग्लादेश की सीमा में और 74 भारत की सीमा में आते है | टाइगर के हमले से हर वर्ष लगभग 50 लोग मारे जाते है |
8. सुंदरवन (Sundarban )में विडो विलेज के नाम से एक गाँव कुख्यात है जहा परिवार के अधिकतर पुरुषो की मौत टाइगर से हमले से हो जाने के कारण औरत विधवा हो चुकी है |
9. सुंदरवन विश्व का सबसे बड़ा मंग्रोव वनस्पति वाला जंगल है मतलब कि ये जंगल हमेशा दलदल से घिरा रहता है | मंग्रोव के बारे में अपने बचपन में पढ़ा होगा कि जिनके पेड़ो की जड़े जमीन से बाहर निकल आती है उसे मैंग्रोव वृक्ष कहते है |
10. सुंदरवन (Sundarban) विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है | गंगा और ब्रह्मपुत्र दोनों नदियों के एकीकरण से बने इस डेल्टा को बंगाल डेल्टा या ग्रीन डेल्टा भी कहते है |
11. सदाबहार रहने वाले सुंदरवन को UNESCO World Heritage Site में शामिल किया गया है जिसकी वजह से इसका संरक्षण काफी बड़े स्तर पर हो रहा है |
12. सुंदरवन रॉयल बंगाल टाइगर का घर भी है जहा पुरे विश्व में सबसे ज्यादा टाइगर निवास करते है | इस विलुप्त होती प्रजाति के संरक्षण का दायित्व अब सिर्फ सुंदरवन के हाथ में है |
13. ये उष्णकटिबंधीय डेल्टा विश्व में ज्वारीय हेलोफाईट मंग्रोव वन से बड़ा सबसे बड़ा क्षेत्र है जहा आपको विविध वनस्पतिया देखने को मिल जायेगी |
14. सुंदरवन के विशाल डेल्टा में 5-6 द्वीप नही बल्कि 54 छोटे छोटे द्वीपों का समूह बन चूका है |
15. सुंदरवन में ट्रांसपोर्ट का एकमात्र माध्यम बोट है क्योंकि यहा इंसान जंगल के रास्ते तो बाहर आ ही नही सकता जबकि पानी के रास्ते से आसानी से बाहर निकल सकता है |
16. सुंदरवन डेल्टा बंगाल बेसिन से जुड़ा विश्व का सबसे चौड़ा , गहरा और सबसे सक्रिय डेल्टा है जिसकी वजह से यहा की वनस्पति और वन्य जीवो में विविधताये है |
17. सुंदरवन में भारत का सबसे बड़ा फिशरी बोर्ड है जहा सुंदरवन डेवलपमेंट बोर्ड 50 हेक्टेयर के इलाके में फिशरी प्रोजेक्ट चलाता है |
18. सुंदरवन में स्तनधारियो की 50 से अधिक प्रजातियाँ निवास करती है जिसमे रोयल बंगला टाइगर , लगभग 60 रेंगने वाले जीवो की प्रजातियाँ , 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियाँ और 300 से अधिक वनस्पतियों की प्रजातियाँ है |
19. सुंदरवन फोटोग्राफी की चाह रखने वालो के लिए स्वर्ग समान है क्योंकि इस सुंदर घने जंगल के दृश्यों के साथ ही विविध वन्य जीवो को भी यहा फिल्माया जा सकता है | इसी कारण डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली कई कम्पनियो ने यहा की विविधताओ को अपने कैमरे में कैद कर पुरे विश्व तक पहुचाया है |
20. सुंदरवन में पल पल खतरा भी बना रहता है यहा पर आपको सांप और मगरमच्छ भी मिल जायेंगे जिनसे आपको बचना पड़ता है क्योंकि ये घने जंगल में आसानी से नजर नही आते है और आपको नुक्सान पहुचा सकते अहि इसलिए तट के करीब सम्भलकर रहना चाहिए |

अगर किसान भाइयों आपका कोई सवाल है तो कमेंट करें अगर आप हमसे संपर्क करना चाहते हैं तो हमें इस पर मेल करें ।
Email : tajagroproducts@gmail.com

धन्यवाद् !

best resort in sundarban, hotels in sundarban national park, सुंदरवन के लग्जरी रिजॉर्ट्स, sundarban riverside holiday, सुंदरबन, सुंदरबन मैंग्रोव, सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व, Bonbibi, Sundarban, Sundarban Forest, पश्चिम बंगाल, पर्यावरण, सुंदरबन डेल्टा, मैंग्रोव, अतिक्रमण, सुंदरबन ताज़ा ख़बर, वीडियो, tajagro सुंदरबन hindi news ब्रेकिंग न्यूज़, human story, human angle story, sunderban forest, tiger, fisherman story, fisherman, fisherman in sunderbans forest, सुंदरबन जंगल, मछुआरे की कहानी, Kolkata, Maneater Tiger, West Bengal, Kolkata News, Kolkata News in Hindi, कोलकाता, Kolkata Samachar, कोलकाता समाचार, Tiger, Bengal tiger, sundarbans, largest mangrove forest, tigers, endangered

असम के आदिवासियों के अनछुई कहानियां, इतिहास। कैसा जीवन हैं इनका, लोगो की ज़िन्दगी सँघर्ष जमीनी हकीकत।

असम के आदिवासियों के अनछुई कहानियां, इतिहास। कैसा जीवन हैं इनका, लोगो की ज़िन्दगी सँघर्ष जमीनी हकीकत।

2001 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल जनसंख्या के प्रतिशत में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 12.4 प्रतिशत थी। असम ट्रिब्यून 2009 में खबर दी है कि असम के जनजातीय समुदायों अब आधिकारिक तौर पर कुल आबादी का 15.64 प्रतिशत के लिए खाते।

भारत का संविधान असम की जनजातियों को दो समूहों में वर्गीकृत करता है: अनुसूचित जनजातियाँ (पहाड़ियाँ) और अनुसूचित जनजातियाँ (मैदान)। चूंकि मैदानी इलाकों में रहने वाली पहाड़ियों और बड़ी संख्या में पहाड़ियों में रहने वाले जनजातियों को संबंधित स्थानों में अनुसूचित जनजातियों के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है, इसलिए जनगणना के आंकड़े सही आंकड़े नहीं दर्शा सकते हैं। असम ट्रिब्यून ने दावा किया है कि यदि जनजातियों की इन श्रेणियों को वास्तविक जनसंख्या में गिना जाता है। असमिया भाषा का प्रयोग लगभग सभी जनजातियों द्वारा लिंगुआ फ्रेंका के रूप में किया जाता है । असम के विभिन्न अन्य स्वदेशी समुदाय सभी जनजाति थे लेकिन बाद में अभियोग के माध्यम से गैर आदिवासी का दर्जा प्राप्त कर लिया गया जैसे अहोम, मोरन, मोटक, केओट (कैबार्टा), सुतिया, कोच राजबंशी आदि।

मुख्य अनुसूचित जनजाति (मैदान) बोडो , देवरी , कचहरी , Mising आदि हैं और कार्बी, दिमासा आदि को अनुसूचित जनजाति (पहाड़ियों) का दर्जा प्राप्त है।

असम या आसाम उत्तर पूर्वी भारत में एक राज्य है। असम अन्य उत्तर पूर्वी भारतीय राज्यों से घिरा हुआ है। असम भारत का एक सीमांत राज्य है जो चतुर्दिक, सुरम्य पर्वतश्रेणियों से घिरा है। यह भारत की पूर्वोत्तर सीमा २४° १' उ॰अ॰-२७° ५५' उ॰अ॰ तथा ८९° ४४' पू॰दे॰-९६° २' पू॰दे॰) पर स्थित है। संपूर्ण राज्य का क्षेत्रफल ७८,४६६ वर्ग कि॰मी॰ है। भारत - भूटान तथा भारत - बांग्लादेश सीमा कुछ भागो में असम से जुडी है। इस राज्य के उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, पूर्व में नागालैंड तथा मणिपुर, दक्षिण में मिजोरम तथा मेघालय एवं पश्चिम में बंग्लादेश स्थित है।

विशेषज्ञों के अनुसार 'आसाम' नाम काफी परवर्ती है। पहले इस राज्य को 'असम' कहा जाता था।

सामान्य रूप से माना जाता है कि असम नाम संस्कृत से लिया गया है जिसका शाब्दिक अर्थ है, वो भूमि जो समतल नहीं है। कुछ लोगों की मान्यता है कि आसाम संस्कृत के शब्द अस्म अथवा असमा, जिसका अर्थ असमान है का अपभ्रंश है। कुछ विद्वानों का मानना है कि 'असम' शब्‍द संस्‍कृत के 'असोमा' शब्‍द से बना है, जिसका अर्थ है अनुपम अथवा अद्वितीय। आस्ट्रिक, मंगोलियन, द्रविड़ और आर्य जैसी विभिन्‍न जातियां प्राचीन काल से इस प्रदेश की पहाड़ियों और घाटियों में समय-समय पर आकर बसीं और यहाँ की मिश्रित संस्‍कृति में अपना योगदान दिया। इस तरह असम में संस्‍कृति और सभ्‍यता की समृ‍द्ध परंपरा रही है।

कुछ लोग इस नाम की व्युत्पत्ति 'अहोम' (सीमावर्ती बर्मा की एक शासक जनजाति) से भी बताते हैं।

आसाम राज्य में पहले मणिपुर को छोड़कर बंगलादेश के पूर्व में स्थित भारत का संपूर्ण क्षेत्र सम्मिलित था तथा उक्त नाम विषम भौम्याकृति के संदर्भ में अधिक उपयुक्त प्रतीत होता था क्योंकि हिमालय की नवीन मोड़दार उच्च पर्वतश्रेणियों तथा पुराकैब्रियन युग के प्राचीन भूखंडों सहित नदी (ब्रह्मपुत्) निर्मित समतल उपजाऊ मैदान तक इसमें आते थे। परन्तु विभिन्न क्षेत्रों की अपनी संस्कृति आदि पर आधारित अलग अस्तित्व की माँगों के परिणामस्वरूप वर्तमान आसाम राज्य का लगभग ७२ प्रतिशत क्षेत्र ब्रहपुत्र की घाटी (असम की घाटी) तक सीमित रह गया है जो पहले लगभग ४० प्रतिशत मात्र ही था।

प्राचीन भारतीय ग्रंथों में इस स्थान को प्रागज्योतिच्ह के नाम से जाना जाता था। महाभारत के अनुसार कृष्ण के पौत्र अनिरुद्ध ने यहाँ की उषा नाम की युवती पर मोहित होकर उसका अपहरण कर लिया था। श्रीमद् भागवत महापुराणके अनुसार उषाने अपनी सखी चित्रलेखाद्वारा अनिरुद्धको अपहरण करवाया | यह बात यहाँ की दन्तकथाओं में भी पाया जाता है कि अनिरुद्ध पर मोहित होकर उषा ने ही उसका अपहरण कर लिया था। इस घटना को यहाँ कुमार हरण के नाम से जाना जाता है।

आसाम की आदिम जातियाँ संभवत: आर्य तथा मंगोलीय जत्थे के विभिन्न अंश हैं। यहाँ के जातियों को कई समूहों में विभाजित की जा सकती है। प्रथम ब्राह्मण, कलिता (कायस्थ), नाथ (योगी) इत्यादि हैं जो आदिकाल में उत्तर भारत से आए हुए निवासियों के अवशेष मात्र हैं। दूसरे समूह के अंतर्गत आर्य-मंगोलीय एवं मंगोलीय जनसमस्ति जैसे के आहोम, सुतिया, मरान, मटक, दिमासा (अथवा पहाड़ी कछारी), बोडो (या मैदानी कछारी), राभा, तिवा, कार्बी, मिसिंग,ताई,ताई फाके तथा कुकी जातियां हैं। इन मे से बहुत सारे जातियां असम के ऊपरी जिलों (उजनि) में रहते हैं और अन्य जातियां आसाम के निचले भागों (नामोनि) में रहते हैं। नामोनि के कोच जाती असम के एक प्रमुख जाती है जो गोवालपारा, धुबूरी इत्यादि राज्यों में ये राजवंशी के नाम से प्रसिद्ध हैं। कोइवर्त्त यहाँ की मछली मारने वाली जाति है । आधुनिक युग में यहाँ पर चाय के बाग में काम करनेवाले बंगाल, बिहार, उड़ीसा तथा अन्य प्रांतों से आए हुए जातियां और आदिवासियां भी असमिया मूलस्रोत के अंश बन गए हैं । इन सब जातियां समन्वित हो कर असमिया नाम के अखंड जाती को जन्म दिया है । साथ ही साथ, सभी जातियों के विचित्र परम्पराएं मिलकर भी एक अतुलनीय संस्कृति सृष्ट हुवे जिसका.

असम की जनजातियाँ, असम का इतिहास, असमिया भाषा, असम के आदिवासी, देवरी, , कचहरी , Mising आदि हैं, असम history hindi, असम का इतिहास, असम राज्य का इतिहास, Assam in Hindi. असम से जुड़े बुनियादी तथ्य, राजधानी – दिसपुर, आधिकारिक भाषा – असामी, बंगाली और हिंदी, असम, असम, Travel and Tourist Information असम, असम history hindi, असम के जिले, असम का प्राचीन नाम क्या था, असम की संस्कृति, असम का पहनावा, असम की भाषा, असम सिटी, असम का खाना, असम का नक्शा

Ladakh India (लद्दाख के लोगो का जीवन और जमीनी हकीकत।) - हिंदी डाक्यूमेंट्री

Ladakh India (लद्दाख के लोगो का जीवन और जमीनी हकीकत।) - हिंदी डाक्यूमेंट्री

इसीलिए तो उनकी धरती को 'चांद की धरती' कहा जाता है, क्योंकि जहां लोगों के दिल चांद की तरह साफ हैं।

भारत एक ऐसा देश है, जहां विभिन्न क्षेत्र, विभिन्न आबोहवा अपने में समेटे हुए रहते हैं। गुजरात का कच्छ व राजस्थान रेत में भी चटख रंगों की सुन्दरता समेटे है, तो केरल हरियाली और झरने। सिक्किम, उत्तराखंड बर्फ के साथ खूबसूरत फूलों से आपका स्वागत करता है, तो गोवा समुद्री लहरों व उन्हीं के समान थिरकते जिस्मों से। कोई क्षेत्र भारतमाता को बर्फ का ताज पहनाता है, सागर से उसके चरण पखारता है यानी हर क्षेत्र का अपना-अपना अलग रंग, अपनी सुंदरता। अनेकता में एकता को चरितार्थ करते अपनी मातृभूमि पर गर्व का अनुभव करते देश के विभिन्न राज्यों को देखने का अवसर प्राप्त हुआ। लेकिन पहली बार मालूम हुआ कि सिर्फ समुद्र तट को छोड़ दें तो बर्फीली घाटियों से ढंके पहाड़, हरियाली चुनर जैसे सिर से खींच ली हो, ऐसे भूरे, बंजर, पत्थरों से पटी विशाल पर्वत श्रृंखलाएं, हजारों फीट की ऊंचाई वाले पर्वतों के बीच बेहद खूबसूरत घाटियां, कल-कल बहते ठंडे पहाड़ी झरने, कांच की तरह साफ व मटमैली भी, दोनों तरह की नदियां, किसी रेगिस्तान की तरह बिछी रेत, पठार और उस पठार में खूबसूरत झील। कुदरत की खूबसूरत कारीगरी... ये सारी चकित कर देने वाली सुंदरता एक जगह थी। जी हां...! अद्भुत... अविस्मरणीय... अप्रतिम... सौंदर्य से भरपूर... इतनी सारी विविधता अपने विशाल आंचल में समेटे ये क्षेत्र था लेह।

जम्मू-कश्मीर के लद्दाख जिले में आने वाली जगह लेह...! 3 किलोमीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से जनसंख्या घनत्व वाला लेह...! 25,321 स्क्वेयर किमी क्षेत्रफल वाला लेह...! समुद्री सतह से 11,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।

वैसे तो लेह-लद्दाख देशी कम, विदेशी सैलानियों की सूची की पसंदीदा जगहों में सबसे ऊपर है, लेकिन भला हो बॉलीवुड का, जिसने कुछ फिल्मों की शूटिंग यहां करके इसे और लोकप्रिय बना दिया।

खैर... जानकारों के अनुसार यहां जुलाई में आना चाहिए, क्योंकि तब तक काफी बर्फ पिघल जाती है और बर्फ के अलावा वो सारा सौंदर्य आप देख सकते हैं, जो मैंने ऊपर वर्णित किया है।

बर्फ से ढंकी ऊंची चोटियां, हिमनदी, रेत के टीले, चमकती सुबह के साथ घने बादल, दुनिया की सबसे ऊंची जगह पर स्थित लद्दाख का यह परिदृश्य है। लद्दाख उत्तर की तरफ से काराकोरम और दक्षिण की तरफ हिमालय से घिरा है। लगभग 9,000 से 25,170 फीट की ऊंचाई पर यह स्थान है।


कैसे जाएं?

वायुमार्ग : जम्मू, चंडीगढ़, दिल्ली, श्रीनगर से लेह के लिए इंडियन एयरलाइंस की सीधी उड़ानें हैं। लेह शहर में आपको टैक्सी, जीपें तथा जोंगा किराए पर लेना पड़ती है। ये स्थानीय ट्रांसपोर्ट तथा बाहरी क्षेत्रों में जाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।

रेलमार्ग : सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन जम्मू है, जो 690 किमी दूर है और जम्मू रेलवे स्टेशन देश के प्रत्येक भाग से रेल द्वारा जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग : लेह तक पहुंचने के लिए जम्मू-श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग है जिसमें सबसे ऊंचा दर्रा 13,479 फुट की ऊंचाई पर फोतुला है। लेह से श्रीनगर 434 किमी, कारगिल 230 किमी तथा जम्मू 690 किमी दूर है।

#India #China

Ladakh, लद्दाख, लेह लद्दाख, बर्फीला रेगिस्तान, Leh Ladakh Tourism, लद्दाख की ठंडक, Indian state of Jammu and Kashmir, पर्यटन स्थल, लद्दाख की ऊंचाई, रमणीय स्थल, लद्दाख का नीला पानी, प्राकृतिक दृश्य, महान बुद्ध, तिब्बती संस्कृति, प्राचीन कलाएं, Himalaya, Location Of Ladakh, Jammu & Kashmir, Gulmarg Town, Best Destinations in the World, गुलमर्ग, बेस्ट डेस्टिनेशन, hill station, टूरिस्टों का डेस्टिनेशन, विदेशी पर्यटक, देशी पर्यटक, चारों ओर बर्फ ही बर्फ, पहाड़, पहाड़ी, पर्यटकों का गंतव्य स्थल, Leh Ladakh India, लद्दाख के पर्यटन स्थल, लेह (लद्दाख), चांद की धरती, लद्दाख का इतिहास, Leh Ladakh Tourism, चीनी यात्री फाह्यान, ladakh airport, मई से नवंबर, जम्मू-श्रीनगर, तीन रंगों की धरती लद्दाख, ladakh lake, best time to visit ladakh, Ladakh, लद्दाख, Indian state of Jammu and Kashmir, लद्दाख के रहस्य, ladakh places to visit, Ladakh, लद्दाख, Indian state of Jammu and Kashmir, लद्दाख के रहस्य, ladakh places to visit, लद्दाख के पर्यटन स्थल, लद्दाख का इतिहास, Leh Ladakh Tourism, चीनी यात्री फाह्यान, ladakh airport, मई से नवंबर, जम्मू-श्रीनगर, तीन रंगों की धरती लद्दाख, ladakh lake, best time to visit ladakh, mountains & tourism, india tourism, tourist spots, holiday destinations, tourist spot, india tourism, kashmir, shimla, rajasthan, पर्वतों, पर्वत माला, गुलमर्ग, कश्मीर, कुल्लू मनाली, शिमला, महाबलेश्वर, पर्यटन स्थल, पर्यटक, देश-विदेश, शिमला, राजस्थान पर्यटन, हिमाचल प्रदेश, ट्रेवल, सिंगापुर, मलेशिया, गोआ, केरल, केरला, जयपुर, माउंट आबू, खजुराहो, पहाड़ों की गोद में, पिकनिक स्थल, Tourist Attractions in Ladakh, Ladakh Tourist Attractions, Places To visit in , Tourism Places in Ladakh, Travel and Tourist Information Ladakh, leh ladakh hindi, facts about leh ladakh in hindi, ladakh map, leh ladakh hindi, ladakh ki jansankhya, ladakh ki bhasha, leh ladakh army, leh ladakh information , Leh Ladakh, Leh Ladakh News, Leh Ladakh News in Hindi, Leh Ladakh Samachar, Leh Ladakh News Headlines in Hindi, Leh Ladakh Hindi Samachar, Latest Leh Ladakh News, Breaking News on Leh Ladakh, Leh Ladakh Photo, Leh Ladakh Videos, Leh Ladakh, jammu and kashmir tourism, jammu and kashmir tourism in hindi, सीमा पर टकराव , झारखंड से लेह-लद्दाख निर्माण कार्य के लिए जाने वाले श्रमिकों को रोका गया, India China Dispute, Galwan valley, LAC China, India, .
x

चंबल के बीहड़ के लोगो का जीवन और सँघर्ष, जिंदिगी की हकीकत । आइए जानते और देखते हैं ।

'सोन चिड़िया' से लेकर 'पान सिंह तोमर' और चंबल की क़सम' जैसी फ़िल्मों के ज़रिए आपने 'चंबल घाटी' के डकैतों की कहानियां तो ज़रूर देखीं-सुनी होंगी. लेकिन डकैतों के इस सिनेमाई ग्लैमर से परे, चंबल घाटी के रोज़मर्रा में जीवन के झांककर यहां के ज़मीनी चुनावी मुद्दों की पड़ताल करने की टीम चम्बल के कुख्यात बीहड़ों में पहुंची.
राजधानी दिल्ली से क़रीब 350 किलोमीटर दूर, हम मध्यप्रदेश के मुरैना ज़िले के बीहड़ों से गुज़र रहे हैं. लगभग दोमंज़िला इमारतों जितनी उंचाई वाले रेतीले पठारों के बीचे से होते हुए टेढ़े मेढ़े रास्ते. बीच बीच में कंटीली जंगली वनस्पतियों के बड़े-बड़े झाड़ जो गुजराती गाड़ियों के बंद शीशों पर 'स्क्रैच' के निशान छोड़ जाते हैं.
मुख्य शहर और बीहड़ों से एक घंटे की दूरी पर हमें चम्बल का साफ़ नीला पानी पहली बार नज़र आया. लेकिन मुरैना जिले से गुज़रने वाली यह नदी यहां तक एक लंबा रास्ता तय करके पहुंची है.
मूलतः यमुना की मुख्य सहायक नदियों के तौर पर पहचानी जाने वाली चम्बल की शुरुआत विंध्याचल की पहाड़ियों में मऊ शहर के पास से होती है. फिर वहां से मध्यप्रदेश, राजस्थान, और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से होती हुई यह वापस मध्य प्रदेश आती है और अंत में उत्तर प्रदेश के जालौन में यमुना में मिल जाती है. लेकिन क़रीब 960 किलोमीटर लम्बी अपनी इस यात्रा में चंबल अपने आस-पास रेतीले कंटीले बीहड़ों का लंबा साम्राज्य खड़ा करते हुए जाती है. हर साल क़रीब 800 हेक्टेयर की दर से बढ़ रहे बीहड़ आज चम्बल घाटी की सबसे बड़ी समस्या है.
श्योपुर, मुरैना से लेकर भिंड ज़िले तक मध्यप्रदेश में चम्बल नदी के किनारे बसे अधिकांश गांव बढ़ते बीहड़ों की चपेट में आकर ख़त्म हो रहे हैं. उपजाऊ और रिहाइशी ज़मीनी रकबे लगातार रेतीले पठारों और पहाड़ी टीलों में बदल रहे हैं और स्थानीय निवासी को मजबूरन अपने घर छोड़कर पलयान करना पड़ रहा है.
बढ़ते बीहड़ों की वजह से विस्थापित हुए ऐसे गांवों को यहां 'बेचिराग गांव' कहा जाता है.

जब भी कभी डकैत (Dacoits) शब्द का जिक्र होता है, तो हमारे जेहन में चम्बल घाटी (Chambal Ghati) का नाम कौंध उठता है। चम्बल घाटी के अंधेरे बीहड़ एक समय डकैतों के लिए अभयारण्य हुआ करते थे, जहां से वे डकैती, अपहरण और हत्याओं का ‘कारोबार’ चलाया करते थे। चम्बल नदी का क्षेत्र डकैतों के मामले में ऊर्वर रहा है। इस नदी घाटी के क्षेत्रों में सामन्तवादी व्यवस्था से दमित और आजिज होकर कई लोगों ने बंदूक थाम कर खुद को बागी घोषित कर दिया। ये लोकप्रिय भी होते थे। कई मामलों में इन डकैतों को अपने जाति-समूहों और क्षेत्र के लोगों का समर्थन प्राप्त था।

Chambal valley, lions roar, echo, Etawah, Malkhan Singh, Ghanshyam, Vikram Mallah, चम्बल घाटी, शेरों की दहाड़, गूंज, इटावा, मलखान सिंह, घनश्याम, विक्रम मल्लाह, Chambal Ghati, Chambal Ghati News, Chambal Ghati News in Hindi, Chambal Ghati Samachar, Chambal Ghati News Headlines in Hindi, Chambal Ghati Hindi Samachar, Latest Chambal Ghati News, Breaking News on Chambal Ghati, Chambal Ghati Photo, Chambal Ghati Videos, Chambal Ghati न्यूज़, Chambal Ghati Latest News, chambal ghati, chambal ghati News, chambal ghati Images, chambal ghati Photos, chambal ghati Videos, chambal ghati न्यूज़, chambal ghati फोटोज, chambal ghati वीडियोस, डाकू, dacoits, pan singh tomar, pan singh tomar village, india tv, , Lok Sabha Chunav 2019 Hindi News , Chambal, Most Wanted Dacoit, dacoit, dacoit Pancham Singh, Pancham Singh, special story, mirzapur news, mirzapur news in hindi, Mirzapur News, hambal Ghati, Chambal River, History About Chambal Ghati, News in Hindi, मऊ, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, जालौन, कानपुर देहात, राजस्थान के कोटा तक चंबल 900 किमी क्षेत्र में यह नदी बहती है।बीहड़ के बीचो बीच एक सुन्दर और देश की स्वच्छ चंबल नदी बहती है।, Dholpur station, chambal ghati ka rahasya, chambal ghati map, chambal ghati train route, chambal ghati kis state me hai, chambal ghati dacoits, chambal ki ghati ka itihas, chambal ghati pariyojana, chambal ki ghati kahan hai, chambal hindi, It is a legendary river and finds mention in ancient scriptures. The perennial Chambal originates at janapav, south of Mhow town, near manpur Indore, on the south slope of the Vindhya Range in Madhya Pradesh. State: Madhya Pradesh, Rajasthan, Uttar Pradesh
Mouth: Yamuna River
Length: 1,024 km (636 mi)

royal bengal tiger and fisherman fighting video

দক্ষিণ ২৪ পরগনার সুন্দরবন অঞ্চলের ঘটনা। মাঝ নদীতে মাছ ধরতে গিয়ে জলে সাঁতরাতে দেখা যায় একটি বাঘকে। এরপর শুরু হয় বাঘের সঙ্গে মৎস্যজীবীদের লড়াই। যদিও এই অঞ্চলে বাঘে মানুষে লড়াই নিত্য নৈমিত্তিক ব্যাপার। (ভিডিও সৌজন্য: ফিরোজ আহমেদ)

Tiger Story|Bengali Stories for Children|Infobells|JEKHANE SONDHYA NAME|ROYAL BENGAL TIGER|SUNDORBON

#TIGER STORY
#BAGHER GOLPO
#LOM KHARA KORA GOLPO
#SUNDORBONER BAGH
#ROYAL BENGAL TIGER STORY
#JEKHANE BAGHER BHOY
#JEKHANE BAGHER VOY
#DAYAPUR
#SADHUPUR
#DAYAPUR BAGH
#SADHUPUR BAGH
#DAYAPUR TIGER
#SADHUPUR TIGER
#WEST BENGAL TIGER
#STORY OF TIGER
#TIGER'S STORY
#BENGALI TIGER STORY
#BANGLAI BAGHER GOLPO
#BANGLAI BAGHER GALPA
#BANGLAY BAGHER GOLPO
#BANGLAY BAGHER GALPA
#BAGH
#TIGER
#JIM CORBETT
#BANDHAB GARH
#JIM CORBETT NATIONAL PARK
#RANOTHOMBOR
#NATIONAL ANIMAL
#TIGER ATTACK
#TIGER JUMP
#অবশেষে বাঘ দর্শন সুন্দরবনে
# ROYAL BENGAL TIGER IN SUNDERBAN
#SUNDORBON TIGER AMAZING VIDEO
#Sundarban Travel
#All about the jungle and journey by boat
#Pakhirala to Dobaki
#7up FnF Journey Season 2 Episode 15
# (Sundarban Part-1) HD
#SUNDARBAN
#It's Not About The Tiger Only (Documentary)
#SUNDORBON TIGER ATTACK
#Travel Sundarban
#World's Largest Mangrove Forest!
#Largest mangrove forest in the World(Sundorbon) Sundorbon Tour
#Sundorbon forest
#Indian sundarbans travel guide vs Bangladeshi sundarbans travel guide 2020
#সুন্দরবন ভ্রমণ ও যাওয়ার খুঁটিনাটি !!travel on sundorbon
#Royal Bengal Tiger and Sundarban Fisherman Live Battle Video from Matla River
#Fantasy fishing by hook in the river of Sundorbon
#সুন্দরবনের নদীতে মাছ ধরে জীবিকা নির্বাহ
#Documentary On Sundarban's People
#About their life Bengali 2018
#ভয়ঙ্কর সুন্দরবন অজানা অচেনা ইতিহাস
#History of sundarban mangrove forest
#Save_the_Tiger
#Sundorbon Wild Honey collection
#সুন্দরবনের খলিসা ফুলের মধু সংগ্রহ
#बंगाल की खाड़ी के पास सुंदरवन हैं कितना कठिन, संघर्षपूर्ण हैं जीना यहां
#आइए देखते हैं लोगो का जीवन
#TIGER AUDIO
#TIGER AUDIO STORY
#SUSPENSE WITH TIGER
#TIGER SUSPENSE
#HORROR OF TIGER
#TIGER HORROR
#TIGER HORROR STORY
#AUDIO BOOK TIGER
#HALUM
#SUNDAR BAN
#SUNDOR BON
#SHIKAR
#TIGER HAUNTING
#TIGER STORY BENGALI
#JEKHANE SONDHYA NAME
#TIGER STORY SUPRIYO
#TIGER STORY BENGALI SUPRIYO
#JEKHANE SONDHYA NAME SUPRIYO
#TIGER STORY TRINANJOY
#TIGER STORY BENGALI TRINANJOY
#JEKHANE SONDHYA NAME TRINANJOY
#Tiger Story|Bengali Stories for Children|Infobells
#বাঘ এসেছিল বাঘ এসেছিল | There Comes The Tiger in Bengali | Bangla Cartoon | Bengali Fairy Tales
#The tiger and the stork | The tiger and bone story
#Bengali Moral Stories for Kids Collection | Infobells
#Mix - বাঘ এসেছিল বাঘ এসেছিল | There Comes The Tiger in Bengali | Bangla Cartoon | Bengali Fairy Tales
#Lion and Tiger - সিংহ এবং বাঘ - Animation Moral Stories For Kids In Bengali
#Lion and Tiger - সিংহ এবং বাঘ - Animation Moral Stories For Kids In Bengali
#Tiger and Lion | Bangla Cartoon | Moral Stories | Rupkothar golpo
#There comes the Tiger in English | Stories for Teenagers | English Fairy Tales

Amphan Cyclone का Landfall शाम 4 बजे सुंदरबन में होगा | Awaaz Samachar | CNBC Awaaz

#CNBCAwaazLive #AajKiTazaKhabar #BusinessNewsLive #StockMarketLive #ShareMarketLiveToday

सुपर साइक्लोन अम्फान (Amphan) पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारतीय तटों की ओर बढ़ने के साथ ही पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मंगलवार को कमजोर होकर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में का रूप ले चुका है। बुधवार को दोपहर से शाम के बीच पश्चिम बंगाल के दीघा तट से टकराएगा।

Catch All The Latest Updates In The Market LIVE Only On CNBC AWAAZ

CNBC Awaaz is India’s number one business channel and an undisputed leader in business news and information for the last 14 years. Our channel aims to educate, inform and inspire consumers to go beyond limitations, with practical tips on personal finance, investing, technology, consumer goods and capital markets. Policymakers and business owners alike have grown to trust CNBC Awaaz as the most reliable source with its eye on India’s business climate. Our programming gives consumers a platform to make decisions with confidence.

Subscribe to the CNBC Awaaz YouTube channel here:
Follow CNBC Awaaz on Twitter:
Like us on our CNBC Awaaz Facebook page:

बंगाल की खाड़ी से आने वाला 'अम्फान' तूफान देश में मचाएगा बड़ी तबाही !

'अम्फान' तूफान से पहले पश्चिम बंगाल में और ओडिशा में तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई.

#CycloneAmphan #WestBengal #OdishaNews


Subscribe to TV9 Bharatvarsh
Subscribe to #MainShaheedHun |
Follow TV9 Bharatvarsh on Facebook |
Follow TV9 Bharatvarsh on Twitter |
Watch more TV9 Bharatvarsh Videos |
Know All About Political News |
Know All About Crime News|
Know All about Mysterious Political Stories |
Know All about Latest Bollywood News|

#TV9Bharatvarsh #HindiNewsLive
x

Bengal में पलायन पर बड़ा खुलासा, क्या बंगाल बन रहा है Kashmir? | Takkar | Amish Devgan

अगर कुछ लोगों को लगता है कोरोना महामारी में दंगे करके बच जाएंगे तो वो गलत है | ममता बनर्जी के राज्य में दंगा तंत्र हावी हो चूका है की बंगाल के एक इलाके से 40 से 50 हिन्दू परिवारों को अपना घर इसलिए चूर्ण पड़ा क्योंकि उनके घर हजला दिए गए है, उनके घर में बम फोड़े गए है | देखिये 'Takkar' Amish Devgan के साथ |
#Takkar #AmishDevgan

#CNBCAwaazLive #AajKiTazaKhabar #BusinessNewsLive #StockMarketLive #ShareMarketLiveToday

Catch All The Latest Updates In The Market LIVE Only On CNBC AWAAZ

CNBC Awaaz is India’s number one business channel and an undisputed leader in business news and information for the last 14 years. Our channel aims to educate, inform and inspire consumers to go beyond limitations, with practical tips on personal finance, investing, technology, consumer goods and capital markets. Policymakers and business owners alike have grown to trust CNBC Awaaz as the most reliable source with its eye on India’s business climate. Our programming gives consumers a platform to make decisions with confidence.

Subscribe to the CNBC Awaaz YouTube channel here:
Follow CNBC Awaaz on Twitter:
Like us on our CNBC Awaaz Facebook page:

'Sundarban से टकराएगा Cyclone Amphan', 200 KMPH की रफ्तार से बढ़ रहा आगे...

21 साल बाद देश के तटीय इलाकों में एक बार फिर सुपर साइक्लोन का खतरा मंडरा रहा है. बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान बुधवार को पश्चिम बंगाल और ओडिसा के तटीय इलाकों से टकराएगा. इस दौरान तूफानी हवाएं भीषण तबाही मचा सकती हैं. सरकार ने तटीय इलाकों से लोगों को हटाना शुरू कर दिया है. एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात कर दी गई हैं.जैसे- जैसे तूफान बंगाल और ओडिसा के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ रहा है इसकी रफ्तार खतरनाक होती जा रही है. समंदर से उठने वाली तूफानी हवाओं सिहरन पैदा कर रही हैं. मौसम विभाग की मानें तो अम्फान की रफ्तार 185 किमी. प्रति घंटा से भी ज्यादा हो सकती है. देखें ये रिपोर्ट.

#Amphan #AmphanCyclone #AmphanUpdate


#AajTakHD #HindiNews #AajTak #aajtaklivetv #aajtakhindi

Aaj Tak HD| Hindi News | Aaj Tak Live | Aajtak HD News | आज तक लाइव
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------
AajTak Live TV

Watch the latest Hindi HD news Live on the World's Most Subscribed News Channel on YouTube.

Aaj Tak HD News Channel:

आज तक भारत का सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्‍यूज चैनल है । आज तक न्‍यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। आज तक न्‍यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए बने रहें ।

Aaj Tak HD is India's best Hindi News Channel. Aaj Tak news channel covers the latest news in politics, entertainment, Bollywood, business and sports. Stay tuned for all the breaking news in Hindi!

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान Amphan अब सुपर Cyclone में हुआ तब्दील, भारतीय सेना अलर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तूफान से निपटने की तैयारियों और इससे पैदा होने वाले हालात का जायजा लेने के लिए गृह मंत्रालय और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एनडीएमए) की हाई लेवल बैठक बुलाई। इसके बाद मोदी ने कहा- मैं सभी की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं। केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।

Prime Minister Narendra Modi called a high-level meeting of the Ministry of Home Affairs and the National Disaster Management Authority (NDMA) to take stock of the preparedness to deal with the storm and the situation arising from it. After this, Modi said- I pray for the safety of all. All possible help will be provided by the central government.

#CycloneAmphan #WestBengal #IndianArmy #PMModi

Follow us:
Facebook:
Twitter:
YouTube:
Instagram:
Website:

बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान || Khabrain Abhi Tak Live

क्लिक आपका साथ हमारा...अब एक क्लिक पर जुड़िए पूरी दुनिया की हर छोटी बड़ी खबरों से जिनसे आप अब तक थे दूर...अब हर खबर को मुद्दा हम बनाएंगे...बस देश,दुनिय की तमाम खबरों से जुड़े रहने के लिए चैनल पर करें Like…share...& comment...

Official Website:

Twitter:

Facebook:

YouTube:

ताप्ती नदी जो मध्य प्रदेश‎, महारष्ट्र, ‎गुजरात में बहती हैं, देखते हैं आस पास के लोगो का जीवन ।

ताप्ती नदी जो मध्य प्रदेश‎, महारष्ट्र, ‎गुजरात में बहती हैं, देखते हैं आस पास के लोगो का जीवन ।

ताप्ती (संस्कृत : तापी, मराठी : तापी ; गुजराती : તાપ્તી) पश्चिमी भारत की प्रसिद्ध नदी है। यह मध्य प्रदेश राज्य के बैतूल जिले के मुलताई से निकलकर सतपुड़ा पर्वतप्रक्षेपों के मध्य से पश्चिम की ओर बहती हुई महाराष्ट्र के खानदेश के पठार एवं सूरत के मैदान को पार करती और अरब सागर में गिरती है। नदी का उद्गगम् स्थल मुल्ताई है।

स्रोत: मुलताई (मूलतापी भी कहते हैं) निकट बैतूल
- स्थान सतपुड़ा पर्वत

इस नदी का उद्गम सतपुड़ा पर्वत के महादेव पठार से है। ताप्ती सतपुड़ा पर्वत के दक्षिण में नर्मदा के सामानान्तर-सी बहती हुई खम्भात की खाड़ी में जा गिरती है। इस नदी की कुल लम्बाई 700 किलोमीटर है।

कोरकू जनजाति के लोग मध्यप्रदेश में सतपुड़ा पर्वतमाला के जंगलों से लगे [[छिन्दवाड़ा मवासी ,बैतूल जिले की भैंसदेही और चिचोली तहसील में, होशंगाबाद जिले में, भिण्ड जिले में, हरदा जिले की टिमरनी और खिड़किया तहसील के गाँवों में निवास करती है। इसके अतिरिक्त कोरकू महाराष्ट्र में अकोला, मेलघाट(धारणी तथा चिखलदरा) तथा मोर्शी तालुका अमला में भी रहते हैं।

यह भारत की उन मुख्य नदियों में है जो पूर्व से पश्चिम की तरफ बहती हैं, अन्य दो हैं - नर्मदा नदी और माही नदी।

यह नदी पूर्व से पश्चिम की ओर लगभग 740 किलोमीटर की दूरी तक बहती है और खम्बात की खाड़ी में जाकर मिलती है। सूरत बन्दरगाह इसी नदी के मुहाने पर स्थित है। इसकी प्रधान उपनदी का नाम पूर्णा है। इस नदी को सूर्यपुत्री भी कहा जाता है।
समुद्र के समीप इसकी ३२ मील की लंबाई में ज्वार आता है, किंतु छोटे जहाज इसमें चल सकते हैं। पुर्तगालियों एवं अंग्रेजों के इतिहास में इसके मुहाने पर स्थित स्वाली बंदरगाह का बड़ा महत्व है। गाद जमने के कारण अब यह बंदरगाह उजाड़ हो गया है।
ताप्ती नदी का उद्गम स्थल मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मुल्ताई नामक स्थान है। इस स्थान का मूल नाम मूलतापी है जिसका अर्थ है तापी का मूल या तापी माता। हिन्दू मान्यता अनुसार ताप्ती को सूर्य एवं उनकी एक पत्नी छाया की पुत्री माना जाता है और ये शनि की बहन है। थाईलैंड की तापी नदी का नाम भी अगस्त १९१५ में भारत की इसी ताप्ती नदी के नाम पर ही रखा गया है। महाभारत, स्कंद पुराण एवं भविष्य पुराण में ताप्ती नदी की महिमा कई स्थानों पर बतायी गई है। ताप्ती नदी का विवाह संवरण नामक राजा के साथ हुुुआ था जो कि वरुण देवता के अवतार थे।

ताप्ती नदी की घाटी का विस्तार कुल 65,145 कि.मी² में है, जो भारत के कुल क्षेत्रफ़ल का २ प्रतिशत है। यह घाटी क्षेत्र महाराष्ट्र में 51,504 कि.मी², मध्य प्रदेश में 9,804 कि.मी² एवं गुजरात में 3,837 कि.मीm² है। ये घाटी महाराष्ट्र उत्तरी एवं पूर्वी जिलों जैसे अमरावती, अकोला, बुल्ढाना, वाशिम, जलगांव, धुले, नंदुरबार एवम नासिक में फ़ैली है, साथ ही मध्य प्रदेश के बैतूल और बुरहानपुर तथा गुजरात के सूरत एवं तापी जिलों में इसका विस्तार है।इसके जलग्रहण क्षेत्र का79%गुजरात शेष मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र राज्य में पड़ता है

The Tapi River originates in the Betul district from a place called Multai, in Madhya Pradesh state. The Sanskrit name of Multai is Mulatapi, meaning origin of Tāpī Mātā or the Tapti River. Tāptī is the daughter of Surya, the Sun God and his wife, Chhaya. Tapti is also known as sister of Lord Shani.

Payoshni (पयोष्णी) (Mahabharata) (III.83.37), (III.86.4), (VI.10.15), (VI.10.19),
Tapati River (तपती नदी) (ancient original name)
Tapti River (ताप्ती नदी)
Tapi River (तापी नदी)
Tapati (तपती)
Tapti (ताप्ती)
Tapi (तापी) = = Tapti River ताप्ती नदी (AS, p.393)
Tapti (ताप्ती) = Tapi (तापी) (AS, p.393)
Nanagouna = Tapti (by Ptolemy)

Adi Parva, Mahabharata/Mahabharata Book I Chapter 89 tells us History of Puru and Pandavas (Aila dynasty).

Genealogy of Puru : Puru (wife: Paushti) → 1.Pravira, 2.Iswara, and 3. Raudraswa

1. Pravira (w:Suraseni) → Manasyu (w:Sauviri) → Subhru, Sahana, and Vagmi.

3. Raudraswa (w:Misrakesi) → Richeyu (=Anadhrishti) (+9 more) → Matinara → Tansu (+3 more) → Ilina (w:Rathantara → Dushmanta (w:Sakuntala) (+4 more) → Bharata → Bhumanyu (Pushkarini) → Suhotra (w:Aikshaki) (+5 more) → Ajamidha (w: Dhumini) → Riksha → Samvarana (w:Tapati) (migrated to Sindhu River) → Kuru (w:Vahini) → Abhishyavanta → Parikshit → Janamejaya → Dhritarashtra (+Pandu & 6 more) → Pratipa (+2 more) → Santanu



ताप्ती, तापी, सूर्य पुत्री, नदी, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, सूरत, बुरहानपुर, भुसावल, बैतूल, नन्दुरबार, खम्भात की खाड़ी (अरब सागर), दुमास, सूरत, गुजरात, भारत, मुल्ताई, नेपानगर, बैतूल और बुरहानपुर मध्य प्रदेश में, तथा भुसावल महाराष्ट्र्र में एवं सूरत और सोनगढ़ गुजरात में, History Of Tapti River, tapi river in hindi, tapti, tapti river, tapti, river hindi, tapti nadi kis chetra se nikalti hai, narmada river details in hindi, sabarmati river in hindi, godavari river in hindi, krishna river in hindi, kaveri river in hindi, tapti nadi ki sahayak nadiyan, tapi nadi kahan girti hai, ताप्ती जयंती, पुराणों में ताप्तीजी की जन्म कथा, बैतूल, पुराणों में ताप्ती, मुलताई, सूर्यपुत्री ताप्ती, Madhya Pradesh Weather Update, heavy rain alert in madhya pradesh, Tapti River above danger mark, burhanpur rain, burhanpur news, madhya pradesh news,burhanpur, madhya-pradesh, hindi, Explore Tapti River with News, Videos, Tapti River, भारत (दक्षिणमध्य मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तरी महाराष्ट्र), tapti river history hindi, tapti river history hindi, नदी का उद्गम,

Shares

x

Check Also

x

Menu